दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,
भारत सरकार

सिपडा योजना

विकलांग व्यक्तियों के कार्यान्वयन से योजना का आरंभ (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण, पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995

योजना के अंतर्गत राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे संस्थानों/संगठनों को विकलांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण, पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के उपबंधों के कार्यान्वयन हेतु विभिन्न कार्यकलापों हेतु मुख्यतः विश्वविद्यालयों सार्वजनिक भवनों, राज्य सरकार सचिवालय, विकलांग व्यक्तियों हेतु राज्य आयुक्त के कार्यालय आदि से बाधामुक्त माहौल प्रदान करने हेतु वित्तीय सहायता, प्रदान की जाती है। वित्तीय सहायता, जिला विकलांगता पुनर्वास केन्द्रो और समेकित पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना हेतु प्रदान की जाती है।

चालू वर्ष 2014-15 के दौरान योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान करने हेतु निम्नलिखित कार्यकलाप शामिल किये गये है-

  • निशक्त व्यक्ति अधिनियम की धारा 46 के अनुसार विकलांग व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण सरकारी भवनों (राज्य सचिवालय, अन्य महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय कार्यालयों, कलैक्ट्रैट, राज्य विश्वविद्यालय, भवनों/कैंपसों के लिए मेडिकल कॉलेजों और जिला मुख्यालयों पर मुख्य अस्पतालों , अन्य महत्वपूर्ण भवनों) में बाधा मुक्त वातावरण मुहैया कराना। इसमें व्हीलचेयर इस्तेमाल कर्ताओं हेतु रेंपो, रेलों, लिफ्टों और, व्हीलचेयर इस्तेमाल कत्र्ताओं की सुगम पहुंच टायलेट्स का अनुकूलन ब्रेल साइनेजिज और बोलने वाले सिगनल्स टेकटाइल फ्लोरिंग, काजिंग कर्व कट्स और फुटपाथ में स्लोप्स का निर्माण, दृष्टिहीनों अथवा कम दृष्टि वाले व्यक्तियों हेतु जेबरा क्रासिंग का उत्कीर्णन और विकलांगता का उचित निशान बनाना आदि शामिल है।
  • भारत सरकार की वैबसाइट हेतु प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निदेशकों के अनुसार, विकलांग व्यक्त्यिों द्वारा राज्य और जिला स्तर पर वैबसाइटों को सुगमय बनाना।
  • जिला मुख्यालय में प्रारंभिक उपचार और हस्तक्षेप की स्थापना।
  • विकलांग व्यक्तियों हेतु दक्षता विकास कार्यक्रम।
  • संरचनात्मक सुविधाओं हेतु विकलांग व्यक्ति राज्य आयुक्त के कार्यलय हेतु राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्रों को एकमुश्त अनुदान।
  • निम्न गतिविधियों हेतु, विकलांग व्यक्ति अधिनियम की धारा 45 मे विचार किया जा रहा हैः
    • व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओ की सुगम पहुंच हेतु, फुटपाथ मे स्लोप्स और कर्व कटस को बनाना।
    • अल्प दृष्टि और दृष्टिहीन व्यक्तियों हेतु उभरे हुए जैबरा क्रासिंग बनाना।
    • अल्प दृष्टि और दृष्टिहीन व्यक्तियों हेतु उभरे हुए रेलवे प्लेटफार्म बनाना।
    • विकलांगता के लिए प्रतीक चिह्नों को तैयार करना।
  • जहां उपयुक्त निजी/सरकारी प्राधिकरण की अपनी जमीन हो, विकलांग व्यक्तियों हेतु विशेष मनोरंजन केन्द्र की स्थापना करना। इस संबंध मे, विकलांग व्यक्ति अधिनियम की धारा 43(सी), अध्याय अपप से उद्धरण निकाले जा रहे हैं।
  • अधिनियम के अंतर्गत निर्दिष्ट अन्य प्रकार की गतिविधियां, जिसे विभाग की वर्तमान योजनाओं द्वारा कवर/वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जा रही है, माननीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री के अनुमोदन सहित, मामला-दर-मामला आधार पर विचार किया जाएगा।

राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच वर्ष 2014-15 का बजटीय आबंटन, वर्ष 2011 की विकलांगों की जनगणना के अनुसार परिकल्पित रूप से विभाजित किया जा रहा है और तदनुसार उनके लिए केन्द्रीय सहायता हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। सुगम्यता संबंधी गतिविधियों हेतु डीडीआरसी और सीआरसी सहित, 06 राज्य, 01 केन्द्र शासित प्रदेश, 32 संस्था/संगठन को वर्ष 2014-15 मे अनुदान सहायता प्रदान की गई।

अंतिम नवीनीकृत : 04-11-2015