दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय,
भारत सरकार

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कॉरपोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी (सीएसआर) परियोजनाएं

विकलांग व्‍यक्ति सशक्‍तीकरण और पुनर्वास सहित नवोन्‍मेषी परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम कॉरपोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी कार्यक्रम

  1. नया कंपनी अधिनियम, 2013 सामाजिक मुद्दों का हल निकालने और गरीब और वंचित समूहों का समावेशी विकास करने सहित उनके जीवन पर साकारात्‍मक प्रभाव लाने और इन समूहों को उत्‍पादक एवं सम्‍मानजनक जीवनयापन में मदद करने हेतु कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्‍मेदारी के मद में लाभ का 2 प्रतिशत का योगदान करने का अनिवार्य प्रावधान करता है।
  2. इस विभाग की गतिविधियों से संबंधित प्रावधानों को उक्‍त अधिनियम की अनुसूची VII की प्रविष्टि (ii) के तहत कवर किया गया है:

     

  3. क. विशेषकर बच्‍चों, महिलाओं, वरिष्‍ठ नागरिकों और विशेष रूपा सक्षम व्‍यक्तियों के बीच विशेष शिक्षा सहित, शिक्षा रोजगार बढ़ाने संबंधी हुनर और जीविकोपार्जन  वर्द्धन परियोजनाएंको बढ़ावा देना।
  4. कंपनी अधिनियम की धारा 135, कंपनी द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्‍व की दिशा में गतिविधियों से संबंधित है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने परिपत्र सं. 21/2014 औीर दिनांक 18.06.2014 के कार्यालय ज्ञापन सं. 05/01/2014 – सीएसआर के तहत यह स्‍पष्‍ट किया है कि विकलांग व्‍यक्तियों को सहायक यंत्रों एवं उपकरणों का प्रावधान निरोधी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सहित स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सेवा का संवर्धन करने के अंतर्गत अनुसूची VII (1) के अंतर्गत कवर है।

विभाग की वे परियोजनाएं जिन्‍हें सीएसआर के अंतर्गत धन प्राप्‍त हो रहा है

  1. विभाग के एक पीएसयू एलिमको द्वारा आयोजित सहायक यंत्र एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर
  2. वर्ष 2013-14 के दौरान सीएसआर निधि के लिए अनुमोदित राष्‍ट्रीय संस्‍थान की परियोजनाएं – स्‍वामी विवेकानंदराष्‍ट्रीय पुनर्वासप्रशिक्षण और अनुसंधान संस्‍थान, कटक (एसवीएनआईआरटीएआर) नि:शक्‍त जन सशक्‍तीकरण विभाग  के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन देश के प्रमुख संस्‍थानों में से एक है। यह पोलियो, मानसिक पक्षाघात, जन्‍मजात अंग विरूपताओं के कारण होने वाली विकलांगताओं के लिए लोकोमोटर पुनर्वास सेवाएं प्रदान करता है और कुष्‍ठ उपचारित मरीजों आदि को पुनर्रचना शल्‍य क्रियाएं उपलब्‍ध करवाता है।यह मानव संसाधन विकास,अनुसंधान, सहायक यंत्रां एवं उपकरणों का वितरण, व्‍यावसायिक प्रशिक्षण इत्‍यादि भी करता है। यह संस्‍थान अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्‍नयन कर लोकोमोटर पुनर्वास के क्षेत्र में एक उत्‍कृष्‍ट केन्‍द्र के रूप में स्‍थापित होना चाहता है। विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लि. (आरईसीएल), अपनी सीएसआर नीति के अनुसार इस परियोजना को वित्‍तीय सहायता प्रदान करता है। आरईसीएल मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और उन्‍नत चिकित्‍सा उपकरण स्‍थापित करने के लिए 296 करोड़ रुपए उपलब्‍ध करवाएगा। नि:शक्‍त जन सशक्‍तीकरण विभाग , एसवीएनआईआरटीएआर और आरईसीएल के बीच दिनांक8.5.2014 को एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं। चिकित्‍सा उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया चल रही है।
  3. विभाग की ग‍तिविधियों के साथ सीएसआर को जोड़ने के विषय पर राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन

नि:शक्‍त जन सशक्‍तीकरण विभाग , भारत सरकार की गतिविधियों के साथ सीएसआर (कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्‍मेदारी) को संबद्ध करने के विषय पर दिनांक 30 और 31 अक्‍तूबर 2014 को विजन फाउंडेशन फॉर डेवलपमेंट मैनेजमेंट और दीनदयाल उपाध्‍याय शारीरिक विकलांगता संस्‍थान की जानकारी – साझेदारी के साथ दो दिवसीय सम्‍मेलन का आयोजन किया गया।

इस सम्‍मेलन का उद्देश्‍य सीएसआर कार्य करने के लिए अधिदेशित कॉरपोरेट घराने के बीच, विकलांगता विभाग के अंतर्गत विभिनन ग‍तिविधियों / क्षेत्रों का संवर्धन करना है।

अंतिम नवीनीकृत : 18-05-2015